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प्रेरणा पोर्टल पर शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा 01 से कक्षा 08 तक के अध्यनरत छात्र- छात्राओं के अभिवावको (लाभार्थी) के बैंक खातों का Accoount Validation करने हेतु

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 1️⃣ *जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त जनपद।* 2️⃣ *सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी/प्रभारी,समस्त जनपद।* 3️⃣ *खण्ड शिक्षा अधिकारी,समस्त ब्लाक संसाधन केंद्र,उत्तर प्रदेश ।* *कृपया विशेष रूप से ध्यान दें।*          राज्य परियोजना कार्यालय के👇पत्रांक: *वित्त/Guidelines/User Manual/FAQ/826/2021-22 दिनांक 14 जून 2021* का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें,के अनुसार प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध शैक्षिक सत्र 2021-22 में कक्षा 01 से कक्षा 08 तक के अध्यनरत छात्र- छात्राओं के अभिवावको (लाभार्थी) के बैंक खातों का Accoount Validation करने हेतु *बैंक विवरण (Guardian Name,Bank Name, IFSC-Code तथा A/C No.)* संबंधी सूचना प्रेरणा पोर्टल पर प्रधनाध्यापक द्वारा सही सही भरा जाय इस हेतु *Guidelines/ User Manual/FAQ* संलग्न👇 की जा रही है।

ई पाठशाला 4.0 (15-06-21) : यहाँ बच्चों का जब मन करे तब वीडियो देखें

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 शासन के आदेश के अनुसार ई पाठशाला 4.0 (15-06-21) यहाँ बच्चों का जब मन करे तब वीडियो देख सकते हैं आओ अंग्रेजी सीखें एपिसोड 10 https://youtu.be/gdJkfF7Difk एपिसोड 9 https://youtu.be/VgHLgtzTluU एपिसोड 8 https://youtu.be/09OTcZMEFk4 📌कक्षा  01    गणित   गिनो  बताओ https://youtu.be/XYE8vDXfuiU 📌Class 02    English     Means Of Transport https://youtu.be/3PTbOTKysa4 📌कक्षा  03     हमारा परिवेश    हमारा  परिवार https://youtu.be/jgYti2NSQwA कक्षा  1,2 और  3 के लिए 📌गतिविधि-1 अपने तीन मजेदार फोटो भेजना https://youtu.be/ZBg8Qc1LPNE 📌गतिविधि-2 एक वाक्य को अलग अलग भाव से कहिये https://youtu.be/4Q4lg8L5D18 📌कक्षा  04   हमारा परिवेश  स्थानीय  पेशे और  व्यवसाय https://youtu.be/U0K0PBbRvew 📌 कक्षा 05    हमारा परिवेश    परिवार  कल आज और कल https://youtu.be/wdeX3zU4mv8 📌कक्षा 06   विज्ञान  पदार्थ एवं पदार्थ के समूह  भाग 1 https://youtu.be/LftgzHP9KpU 📌 कक्षा  06      विज्ञान     पदार्थ  और पदार्थ के समूह भाग 2 https://youtu.be/titfZnDZ6z0 📌कक्षा 07    विज्ञान   रेशों से वस्त्र तक https://yout

ई पाठशाला 4.0

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 🔴 ई पाठशाला 4.0 शासन के आदेशानुसार 12-06-21 का संपूर्ण कार्यक्रम(दूरदर्शन, एवं आओ अंग्रेजी सीखें) 🔴दूरदर्शन पर प्रसारित 🟢09:00 AM Class 1, English, Fruits & vegetables https://youtu.be/YNA4AKgubCU 🟢 09:30 AM Class 2, English, Let's Speak(1/2) https://youtu.be/dYjkKCbhg-M  🟢 10:00 AM कक्षा 3, गणित, सींकों का कमाल( 2/2 ) https://youtu.be/1o-AHOdgUNY  🟢 10:30 AM कक्षा 4, हिंदी, है जग के स्वामी https://youtu.be/uV-COxhQl5c 🟢 11:00 AM कक्षा 5, गणित, तीन अंकीय संख्याओं से भाग(2/2) https://youtu.be/U5yo0kk5sj8 🟢11:30 AM कक्षा 6,इतिहास, गुप्तकाल( 2/2) https://youtu.be/Cenm68MieFk  🟢 12:00 PM कक्षा 7, विज्ञान, जीवों में उत्सर्जन https://youtu.be/ZBD9P5A3jWc 🟢 12:30 PM कक्षा 8,हिंदी, अपराजिता https://youtu.be/AM-lX_-CYho 🔴 आओ अंग्रेजी सीखें  एपिसोड 7 https://youtu.be/GW4ggsfqpqQ 🟢  एपिसोड 6 https://youtu.be/qxvrO-Ac0go 🟢  एपिसोड 5 https://youtu.be/h7g0RpfJSGs

मिशन प्रेरणा की ई - पाठशाला की एक नई श्रृंखला शुरू

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 || मिशन प्रेरणा की ई - पाठशाला || ई-पाठशाला की एक नई श्रृंखला शुरू की गयी है जिसमें रोचक और मज़ेदार सामग्री आप सभी से हर रविवार सुबह 10 बजे* साझा की जाएगी। इन्हें बच्चों से साझा करें, उनसे गतिविधियों की फोटो या वीडियो लें। आशा है इस कार्यक्रम से सभी के चेहरों पर मुस्कान आएगी। नीचे दिए चित्रों में यह बताया गया है कि इस नई श्रृंखला में शिक्षक, मेंटर एवं 'प्रेरणा साथी' क्या-क्या कदम उठा सकते हैं। इसका पूर्ण उपयोग करें।  आप सभी इस नयी श्रृंखला की अनेक गतिविधियों को करने के लिए निम्न लिंक का प्रयोग कर सकते है - 1. प्रेरणा लक्ष्य ऐप को डाउनलोड करने के लिए - bit.ly/PrernaLakshyaApp   2. दीक्षा ऐप को डाउनलोड करने के लिए - bit.ly/DIKSHA_App   3. प्रेरणा साथी के रजिस्ट्रेशन के लिए - bit.ly/PrernaSaathi   इसके साथ ही कक्षा 1-8 के बच्चों के लिए प्रत्येक शनिवार को निम्न लिंक पर व्हाट्सएप पर क्विज होगा। 1. कक्षा 1-2: http://bit.ly/ePathshalaQuiz1-2   2. कक्षा 3-5: http://bit.ly/ePathshalaQuiz3-5     3. कक्षा 6-8: http://bit.ly/ePathshalaQuiz6-8    तो चलिए, हम सब कोविड महामारी के कारण इन बच्च

मिशन प्रेरणा उत्तर प्रदेश ई पाठशाला 4.0

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  🔴 ई पाठशाला 4.0 शासन के आदेशानुसार मिशन प्रेरणा उत्तर प्रदेश  (10-06-21) दूरदर्शन पर प्रसारित  🔴 आओ अंग्रेजी सीखें  🟢  एपिसोड 5 https://youtu.be/h7g0RpfJSGs 🟢09:00 AM कक्षा 1, गणित, बाग  https://youtu.be/Uyn0OUTRBnM 🟢 09:30 AM कक्षा 2, गणित, पाठ 1, हमारी संख्याएँ  https://youtu.be/7gWvjScG_V8  🟢 10:00 AM Class 3, हिंदी, बंदरबांट https://youtu.be/nm_m8U-zsog  🟢 10:30 AM Class 4, हमारा परिवेश, मेला  https://youtu.be/dAmSjewi61I 🟢 11:00 AM कक्षा 5, हमारा परिवेश, गौरव पुरस्कार (1/4) https://youtu.be/CeGGkekx6zQ 🟢11:30 AM कक्षा 6, इतिहास, गुप्तकाल https://youtu.be/Dg3Osc7tl4I  🟢 12:00 PM कक्षा 7, विज्ञान, जंतुओं एवं पौधों में परिवहन(1/3) https://youtu.be/fG9K8zDbxpE 🟢 12:30 PM कक्षा 8, विज्ञान, पाठ 10, फसल उत्पादन (2/4) https://youtu.be/U7BA_2xqtI0

मिशन प्रेरणा की ई - पाठशाला सप्ताह 2 (07.06.2021 - 12.06.2021)

 || मिशन प्रेरणा की ई - पाठशाला || _सप्ताह 2 (07.06.2021 - 12.06.2021)_ ई- पाठशाला के अंतर्गत कक्षा 1 से लेकर 8 तक की हर कक्षा की अलग योजना बनायीं गयी है जिन्हें दो भाग (प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक) में भेजा जा रहा है।  इस सामग्री में सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार के लिए अनेक वीडियो और कुछ मज़ेदार गतिविधियां हैं। इन गतिविधियों को करते हुए अपनी विडीओ या फ़ोटो लेकर हमारे साथ share करो।  सभी अभिभावक ई-पाठशाला सामग्री का सही उपयोग करने की प्रक्रिया को समझने के लिए संलग्न वीडियो भी देख सकते हैं।  इसके साथ ही कक्षा 1-8 के लिए प्रत्येक शनिवार को निम्न लिंक पर व्हाट्सएप पर क्विज होगा - 1. कक्षा 1-2: http://bit.ly/ePathshalaQuiz1-2 2. कक्षा 3-5: http://bit.ly/ePathshalaQuiz3-5   3. कक्षा 6-8: http://bit.ly/ePathshalaQuiz6-8   कोविड महामारी के इस समय में किसी भी बच्चे की पढ़ाई का नुकसान न हो, यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है।   याद रहे, - घर ही बन जायेगा विद्यालय हमारा, हम चलाएंगे ई- पाठशाला। आज्ञा से महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला 4.0 (04/06/2021)

 मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला 4.0 (04/06/2021) मिशन प्रेरणा के अन्तर्गत दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले, ई-पाठशाला से संबंधित,कक्षा 1 से 8 तक के वीडियो समय पर पाने के लिए चैनल को subscribe कर लें शासन के निर्देशानुसार ये लिंक अपको रोजाना स्कूल के वॉट्सएप ग्रुप में भेजने है कक्षा 1, विषय गणित / पाठ 16, इकाई और दहाई  👇👇👇 https://youtu.be/QgmtTMC1Zc0 कक्षा 2, विषय गणित /पाठ 5, कौन कितनी बार  👇👇👇 https://youtu.be/DA9mP-s2Qxg कक्षा 3, विषय गणित / सीको का कमाल  👇👇👇 https://youtu.be/26jQ7t2HMts कक्षा 4, विषय गणित / पाठ 3, संख्याओं का जोड़  👇👇👇 https://youtu.be/PK35j2NPvDE कक्षा 5, हमारा परिवेश , परिवार कल आज और कल  👇👇👇 https://youtu.be/kPbvOi7qeDg कक्षा 6, विषय गणित, पूर्ण संख्याएं  👇👇👇 https://youtu.be/AtBqKBp_1Nw कक्षा 7, विषय विज्ञान /पाठ 2, रेशो से वस्त्रों तक  👇👇👇 https://youtu.be/0j0wbcRbOSk कक्षा 8 , विषय गणित / वर्गमूल  👇👇👇 https://youtu.be/BKKVZLfQOjc

विद्यालय नेतृत्व विकास कार्यक्रम का चतुर्थ दीक्षा कोर्स पुनः दीक्षा app पर उपलब्ध, देखें लिंक

 सभी BSA, BEO,SRG, ARP एवं प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका ध्यान दें:- विद्यालय नेतृत्व विकास कार्यक्रम का चतुर्थ दीक्षा कोर्स पुनः दीक्षा app पर उपलब्ध:- उपरोक्त के संदर्भ में चतुर्थ कोर्स अब दीक्षा प्लेटफार्म पर पुनः उपलब्ध है। इस कोर्स से सम्बंधित निम्नलिखित जानकारी है-  1. कोर्स का नाम - अनुदेशात्मक/ निर्देशात्मक नेतृत्व 2. मॉड्यूल- यह कोर्स 5 भाग में विभाजित किया गया है, जिसके अंतर्गत अनुदेशात्मक नेतृत्व का परिचय, अनुदेशात्मक नेतृत्व मूल्यांकन एवं अनुदेशात्मक नेतृत्व के लिए कुछ रणनीतियां सम्मिलित की गयी हैं।  3. कुल समयावधि- कोर्स की कुल अवधि 30 मिनट है। कोर्स के पश्चात दिए गए अंतिम मूल्यांकन प्रश्नों के उत्तर देने पर ही कोर्स पूर्ण माना जायेगा।  4. दीक्षा प्लेटफार्म पर कोर्स  को पूर्ण करने हेतु लिंक-  https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_313253563954642944126756 5. यह कोर्स सभी SRG, ARP,और सभी हेड टीचरों के लिए अनिवार्य है। साथ ही साथ जिन्होनें अप्रैल माह में यह कोर्स पूर्ण कर लिया था उन सभी को  यह कोर्स फिर से नहीं करना हैं। कृपया पाठ्यक्रम 30 जून 2021 से पहले समाप्त करे

मिशन प्रेरणा की ई - पाठशाला

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 || मिशन प्रेरणा की ई - पाठशाला || पिछले कुछ महीने हम सभी के लिए कठिन रहे हैं परन्तु ऐसे समय में सभी द्वारा जिस प्रकार एक दूसरे को सहयोग दिया गया है वह सराहनीय है। ऐसे समय में अपने माहौल को सकारात्मक रखने और मनोबल को बनाए रखने की आवश्यकता है।  यही ध्यान में रखते हुए ई-पाठशाला की एक नई श्रृंखला शुरू की जा रही है जिसमें रोचक और मज़ेदार सामग्री आप सभी से *हर रविवार सुबह 10 बजे साझा की जाएगी। इन्हें बच्चों से साझा करें, उनसे गतिविधियों की फोटो या वीडियो लें। आशा है इस कार्यक्रम से सभी के चेहरों पर मुस्कान आएगी। नीचे दिए चित्रों में यह बताया गया है कि इस नई श्रृंखला में शिक्षक, मेंटर एवं 'प्रेरणा साथी' क्या-क्या कदम उठा सकते हैं। इसका पूर्ण उपयोग करें।  1. इस श्रृंखला में शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। वे अपने घरों से हर सप्ताह व्हाट्सप्प ग्रुप पर भेजी गयी ई-पाठशाला सामग्री अभिभावकों को साझा करेंगें। इसके साथ वे अपनी कक्षा के सभी अभिभावकों के साथ हर सप्ताह संपर्क करेंगें एवं 'प्रेरणा साथी' की पहचान कर उन्हें bit.ly/PrernaSaathi पर रजिस्टर करेंगें। " 2. इस समय में S

आकलन प्रपत्र का निर्माण कैसे करें? देखें कक्षा- 1 गणित का सैम्पल प्रपत्र

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आकलन प्रपत्र का निर्माण बच्चों के स्तर को जानने के लिए किया जाता है, जिससे आगामी शिक्षण योजना का निर्माण किया जा सके। प्रारंभिक आकलन के पश्चात ही शिक्षण योजना के अनुसार कार्य प्रारंभ करना चाहिए।  

शिक्षण योजना कैसे बनायें? देखें कक्षा शिक्षण हेतु कुछ शिक्षण योजनाएँ नमूने के रूप में

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शिक्षण योजनाएं:-  हम सभी मानते हैं कि 'सीखने-सिखाने की प्रकिया और शिक्षण की सफलता शिक्षण योजनाओं पर निर्भर होती है।  इसलिए कक्षा शिक्षण हेतु कुछ शिक्षण योजनाएँ नमूने के रूप में जा रही हैं जो विभिन्न कक्षाओं और विषयों पर आधारित हैं। इन शिक्षण योजनाओं में लर्निंग आउटकम को केन्द्र बिन्दु (Focal Point) के रूप में लिया गया है।  पाठ्यकरम की भिन्न-भिन्न अताओं/ कौशलों के लिये अनेक गतिविधियों और अभ्यासों को भी शामिल किया गया हैं। साथ ही इनमें पाठ्यपुस्तक से संबंधित प्रकरणों और कार्यपुस्तिका के अभ्यासों को भी शामिल किया गया है।  शिक्षण योजना के विभिन्न चरणों हेतु अनुमानित समय का भी बँटवारा किया गया है । आपसे अपेक्षा है- सभी शिक्षक साथी इसी पैटर्न पर शिक्षण योजना बनाकर अपनी कक्षाओं में सीखने-सिखाने की गतिविधि संचालित करेंगे। इन शिक्षण योजनाओं में सुझायी गयी गतिविधियों के अलावा अन्य गतिविधियों को भी आवश्यकतानुसार शामिल कर उपयोग करेंगे। अपनी योजना के आधार पर उपयुक्त सामग्री और गतिविधियों की तैयारी करेंगे और कक्षा में एक बेहतर वातावरण बनाएंगे। चयनित लर्निंग आउटकम से संबंधित पाठ को दिवस/घंटों /खण

भाषा विकास के तरीके एवं सम्बन्धित गतिविधियां

शिक्षक प्रतिवर्ष माह अप्रैल में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का आरग्भिक परीक्षण करके उनके अधिगम सम्प्रापित स्तर जानने की प्रक्रिया करेंगे जो बच्चे आरम्भिक परीक्षण में कक्षा 1-2 के लर्निग आउटकम के स्तर पर होंगे उन्हें 50 कार्य दिवसीय फाउण्डेशन लर्निंग शिविर में भाषा/ गणितीय गतिविधियां सम्पादित करके मुख्यधारा में लाना होगा तत्पश्चात् कक्षा 3-4 और 5 की भाषा / गणितीय दक्षताओं के विकास की गतिविधियों सम्पादित करना उचित होगा। भाषा उपयोग से ही सीखी जाती है। इसलिए भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने, पढ़ने और लिखने के कारण का उपयोग करना चाहिए।  शिक्षक के रूप में हमारा कार्य है बच्चों में भाषा के विविध रूपों में उपयोग का कारण उत्पन्न करना।  भाषा में अर्थ का निर्माण सन्दर्भ के सहारे होता है। हम अपने मन में कही अथवा सुनी गई बात के अर्थ का निर्माण करते हैं, फिर उसकी अभिव्यक्ति होती है मन में शब्दों के माध्यम से छवि बनाना भाषा सीखने के लिए सबसे आवश्यक है। इस स्तर पर भाषा शिक्षण में निम्नांकित बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। कक्षा में व्यक्तिगत और समूह कार्य का उचित संतुलन बनाये रखना। कक्षा में बातचीत को

गणित सीखने-सिखाने का सही क्रम क्या होना चाहिए?

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बच्चों के पास स्कूल आने से पहले गणित से सम्बन्धित अनेक अनुभव पास होते हैं बच्चों के तमाम खेल ऐसे जिनमें वे सैंकड़े से लेकर हजार तक का हिसाब रखते हैं। वे अपने खेलों में चीजों का बराबर बँटवारा कर लेते हैं।  अपनी चीजों का हिसाब रखते हैं। छोटा-बड़ा, कम-ज्यादा, आगे-पीछे, उपर-नीचे, समूह बनाना, तुलना करना, गणना करना, मुद्रा की पहचान, दूरी का अनुमान, घटना-बढ़ना जैसी तमाम अवधारणाओं से बच्चे परिचित होते हैं।  हम बच्चों को प्रतीक ही सिखाते हैं। उनके अनुभवों को प्रतीकों से जोड़ना महत्वपूर्ण है। गणित मूर्त और अमूर्त से जुड़ने और जूझने का प्रयास है अवधारणाएँ अमूर्त होती हैं चाहे विषय कोई भी हो।  गणितीय अमूर्तता को मूर्त, ठोस चीजों की मदद से सरल बनाया जा सकता है। जब मूर्त को अमूर्त से जोड़ा जाता है तो अमूर्त का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।  प्रस्तुतीकरण के तरीकों से भी कई बार गणित अमूर्त प्रतीत होने लगता है। शुरुआती दिनों में गणित सीखने में ठोस वस्तुओं की भूमिका अहम होती है इस उम्र में बच्चे स्वाभाविक तौर पर तरह-तरह की चीजों से खेलते हैं, उन्हें जमाते. बिगाड़ते और फिर से जमाते हैं।  इस प्रक्रिया में उनकी

गणित में जोड़ शिक्षण के तरीके और गतिविधियां, देखें गतिविधियों के माध्यम से

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गणित सीखने-सिखाने के परम्परागत तरीकों में गणित सीखने की प्रक्रिया की लगातार होती गयी है और धीरे-धीरे वह परिणाम आधारित हो गयी।  आप भी अपनी कक्षा में यही सब नहीं कर रहे हैं? कैसा माहौल रहता है आपकी गणित की कक्षा में? इसी माहौल से गुजर कर आपके सवालों के सही जवाब भी देने लगते होंगे।  पर क्या आपने जानने की कोशिश की कि ने सही जवाब देने के लिए किस प्रक्रिया को अपनाया? एक साधारण जोड़ को बच्चे ने इस प्रकार किया।   यहाँ विचार करें तो आप पाते हैं कि पहले प्रश्न को बच्चे ने सही हल किया परन्तु दूसरे शल में वही प्रक्रिया अपनाने के बाद भी क्यों उसका उत्तर सही नहीं हैं? क्या हमारी लक्ष्य केवल इतना है कि बच्चा जोड़ना सीख लें? या उसमें जोड़ करने की प्रक्रिया की समझ भी विकसित करनी है वास्तव में जोड़ की समझ के विकास में निहित है। दो या अधिक वस्तुओं या चीजों को एक साथ मिलने से परिणाम के रूप में वस्तुओं की संख्या का बढ़ना। स्थानीय मान का शामिल होना। . यह समझना है कि हासिल अर्थात जोड़ की क्रिया में परिणाम दस या अधिक होने पर दहाई की संख्या अपने बायें स्थित दहाइयों में जुड़ती हैं जिसे हासिल समझा जाता है। . परि

शिक्षण, अधिगम और आकलन में आई.सी.टी. (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) का समाकलन

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यह मॉड्यूल आई.सी.टी. की अवधारणा और शिक्षण-अधिगम में इसकी संभावनाओं पर चर्चा करता है।  मॉड्यूल का उद्देश्य शिक्षक को समीक्षात्मक रूप से विषयवस्तु, संदर्भ, शिक्षण-अधिगम की पद्धति का विश्लेषण करने और उपयुक्त आई.सी.टी. के बारे में जानने के लिए तैयार करना है।  इसके साथ ही यह प्रभावी ढंग से समेकित नीतियाँ बनाने के बारे में भी उन्हें सक्षम बनाता है। अधिगम के उद्देश्य: इस मॉड्यूल को सही ढंग से समझने के बाद, शिक्षार्थी-  • आई.सी.टी. का अर्थ स्पष्ट कर सकेंगे; • विषयस्तु के मूल स्वरूप और शिक्षण-अधिगम की नीतियों के अनुकूल उपयुक्त शिक्षण साधनों की पहचान कर सकेंगे।  • विविध विषयों के लिए शिक्षण, अधिगम व मूल्यांकन हेतु विभिन्न ई-केटेंट (डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध सामग्री), उपकरण, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर की जानकारी प्राप्त साधनों की पहचान कर सकेंगे; • आई.सी.टी. विषयवस्तु शिक्षणशास्त्र समेकन के आधार पर शिक्षण-अधिगम की रूपरेखा निर्माण एवं क्रियान्वयन कर सकेंगे। परामर्शदाता ध्यान दें:- • परामर्शदाता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण स्थल पर टेस्कटॉप/ लैपटॉप, प्रोजेक्शन सिस्ट

समावेशी शिक्षा क्या है? समावेशी शिक्षा की विशेषताएं एवं रिपोटिंग/डाक्युमेन्टेशन

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कक्षा में बच्चों के साथ कार्य करते हुए आपने अनुभव किया होगा कि हर बच्चा स्वयं में कोई न कोई विशिष्टता एवं विविधता लिए होता है । उनके रुचि और रुझानों में भी यह विविधता पाई जाती है।  यह विविधता काफी हद तक उनके परिवेश एवं परिस्थितियों के कारण या शारीरिक आकार प्रकार से प्रभावित होती है। बच्चों में इस विविधता के कारण कुछ खास श्रेणियाँ उभरकर आती हैं। जैसे- तेज/धीमी गति से सीखने वाले, शारीरिक कारणों से सीखने में बाधा अनुभव करने वाले बच्चे, परिवेशीय व लैंगिक विविधता वाले बच्चे।  इनमें कुछ और श्रेणियाँ भी जुड़ सकती हैं। शिक्षक के रूप में इतनी विविधता से भरे बच्चों को हमें कक्षा के भीतर सीखने का समावेशी वातावरण देना होता है। समावेशी शिक्षा अर्थात् ऐसी शिक्षा जो सबके लिए हो। विद्यालय में विविधताओं से भरे सभी प्रकार के बच्चों को एक साथ एक कक्षा में शिक्षा देना ही समावेशी शिक्षा है। समावेशी शिक्षा से तात्पर्य है वह शिक्षा जिसमें किसी एक विशेष व्यक्ति श्रेणी पर निर्भर न होकर सभी को शामिल किया जाता है । "समावेशन शब्द का अपने-आप में कुछ खास अर्थ नहीं होता है। समावेशन के चारों ओर जो वैचारिक, दार्

वर्ल्ड क्लास कैसे होगी हायर एजुकेशन?

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 एजुकेशन समिट 2020 के कॉलेज कॉलिंग सेशन में डीयू के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर दिनेश सिंह, जेएनयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर एम जगदीश कुमार और आईआईटी दिलनाली के डायरेक्टर प्रो वी रामगोपाल राव जुड़े।   हॉयर एजुकेशन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी और बताया कि कितने जरूरी बदलाव लंबे समय से रुके हुए थे, जो छात्रों के हित के लिए अब किए जाएंगे।  प्रोफेसर दिनेश सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि 4 साल का कोर्सर्स छात्रों के लिए बहुत सुविधाजनक होगा।   छात्र 1 साल का कोर्स कर सर्टिफिकेट, 2 साल के बाद डिप्लोमा और तीन साल पूरे करके डिग्री ले जाएगा और जब चाहें कोर्स से एग्जिट ले जाएगा।   इससे छात्रों को फ्लेक्सिबिलिटी और फ्रीडम दोनों मिलेंगे।  इससे छात्रों को अपनी पसंद के सब्नजेक्ट पर फोकस करने में आसानी होगी।   पूरे कोर्स के दौरान छात्र अपने बारे में कहते हैं कि एग्जिट लेने के लिए स्वतंत्र रूप से वे यह खुद तय कर लेंगे कि वे कब नौकरी करना चाहते हैं या किसी सबजेट पर रिसर्च करना चाहते हैं।  उनहोनें देश को उत्तरलेज इकॉनमी बनाने की बात भी कही।  जेएनयू के वीसी प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने कहा क

सामुदायिक सहयोग हेतु कार्य-योजना निर्माण कैसे करें?

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विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के सदस्य विद्यालय और समुदाय के बीच प्रमुख सेतु हं भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए व्यक्तिगत स्तर पर प्रत्येक विद्यालय को एस०एम०सी0 सहयोग से सामुदायिक सहयोग की कार्य योजना विकसित करनी होगी। कार्य योजना के संभावित क्षेत्र निम्नवत हो सकते हैं। (अ) भौतिक संसाधन-चहारदिवारी, पंखा, फर्नीचर, स्टेशनरी, पेयजल, स्मार्ट बोर्ड, शैक्षिक तकनीकी से संबंधित उपकरण आदि। (ब) मानवीय संसाधन-सामुदायिक संसाधनों का कक्षा-कक्षीय एवं अन्य सहशैक्षिक क्रियाकलाप में उपयोग।  उक्त बिन्दुओं के परिप्रेक्ष्य में हमें अपनी संस्था उपलब्ध भौतिक / मानवीय संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा करने के बाद विद्यालय की आवश्यकताओं का चिह्नांकन करना होगा तदुपरान्त उन आवश्यकताओं का वर्गीकरण करते हुए सामुदायिक सहभागिता के प्रकार को स्पष्ट रूप से रेखांकित करते हुए समुदाय से संपर्क स्थापित करना होगा।  इस प्रकार आवश्यकताओं के अनुसार संदर्भों/ स्रोतों की मदद लेते हुए कार्य योजना विकसित कर हम अपने कार्य को और बेहतर बना सकते हैं तथा समुदाय से बेहतर जुड़ाव स्थापित कर सकते हैं ।             सामुदायिक सहयोग की कार्य योज

शिक्षण के तरीके और गतिविधियाँ

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परिवेश, पर-परिवार, कक्षा-कक्षा में उपलब्ध विभिन्न आकृति की वस्तुओं पर बातचीत करने छूकर पता करने, उलटने--पलटने एवं विविध रूपों में जमाने के अनुभव का भीका देने से बच्चों में ज्यामितीय आकृति सम्बन्धी अवधारणात्मक समझ का विकास होता है। यह समझ निम्नांकित रूपों में हो सकती है- एक ही आकृति के कई रूप हो सकते हैं। एक ही आकृति में एक से अधिक रूप समाहित होते हैं। एक आकृति के अलग-अलग संयोजन से नयी आकृतियाँ बनती हैं। अलग-अलग प्रकार की आकृतियों को समझने के लिए एक ही प्रकार के तरीके कारगर नहीं होते अर्थात प्रत्येक प्रकार की आकृति को एक ही प्रकार से नहीं समझा जा सकता। इस प्रक्रिया के दौरान बच्चे यह भी समझने व अनुभव करने में समर्थ हो जाते हैं कि गेंद और गोले का चित्र उसे पूरी तरह से व्यक्त नहीं कर पाता है।  यह वृत्ताकार क्षेत्र से किस प्रकार भिन्म है? इन आकृतियों की समझ उन्हें आगे चलकर परिमाप, क्षेत्रफल एवं आयतन तक किस प्रकार ले जाती है? इनके अवधारणात्मक समझ के विकास के लिए शुरुआती कक्षाओं में आगे दिए गए सुझाव और गतिविधियों का शिक्षण में प्रयोग बच्चों के सीखने में सार्थक प्रभाव लाएगा। गतिविधि-1, अपर द

विद्यालयों में सहशैक्षिक गतिविधियों को कैसे क्रियान्वित करें?

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प्रारम्भिक विद्यालयों में सह शैक्षिक गतिविधियों के आयोजन में प्रधानाध्यापक एवं अध्यापक की भूमिका को निम्नवत् देखा जा सकता है।  • विद्यालयों में सहशैक्षिक गतिविधियों को कैसे क्रियान्वित करें, इसके बारे में परस्पर चर्चा करना तथा आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए निरंतर संवाद बनाये रखना। क्रियाकलापों का अनुश्रवण करना तथा आयी हुई समस्याओं का निराकरण सभी की सहभागिता द्वारा करना। इन क्रियाकलापों में बालिकाओं की सहभागिता अधिक से अधिक हो साथ ही साथ सभी छात्रों की प्रतिभागिता सुनिश्चित हो, इस हेतु सामूहिक जिम्मेदारी लेना।। • समय सारिणी में खेलकूद/ पीटी,ड्राइंग, क्राफ्ट, संगीत, सिलाई/बुनाई व विज्ञान के कार्यों प्रतियोगिताएं हेतु स्थान व वादन को सुनिश्चित करना।  • स्कूलों में माहवार/त्रैमासिक कितनी बार किस प्रकार की प्रतियोगिताएं कराई गई, इसकी जानकारी प्राप्त करना एवं रिकार्ड करना। बच्चों के स्तर एवं रुचि के अनुसार कहानियां, चुटकुले, कविता आदि का संकलन स्वयं करना तथा बच्चों से कराना।  • विज्ञान/गणित सम्बन्धी प्रतियोगिताओं हेतु विषय से सम्बन्धित प्रश्न बैंक रखना। आवश्यक वस्तुओं का संग्रह रखना। जन सहभाग